सबको शुभकामनाएं देते देते मेरी छोटी बेटी का ये तोहफा अपनी माँ के लिए - बोली अरे लिखने वाली मम्मी के लिए कविता ही तो लिखनी पड़ेगी और भले ही ये पांचवे क्लास वाली हो. पर मुझे तो ऐसे ही लिखना आता है, मम्मी प्लीज हंसना नहीं.
सबसे प्यारी जिनकी सूरत,
ममता की है वो एक मूरत,
हमसे करें ढेर सा प्यार,
हम है उन आँखों का संसार
चाहे दिन हो या आधी रात,
दूर करें हर गम की बात,
भूल कर अपना सारा दर्द
गर्मी हों या रातें सर्द,
किसी काम को करें न मना,
ऐसी प्यारी न्यारी मेरी माँ.
हैप्पी मदर'स डे !
--सोनू
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सोमवार, 10 मई 2010
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